परम्परागत कृषि मार्ग बंद होने से परेशान किसानों ने एसडीएम से लगाई गुहार

तेंदूखेड़ा। ग्राम बम्हौरी पांजी के किसानों ने मंगलवार को जनसुनवाई में अनुविभागीय अधिकारी एवं दण्डाधिकारी (एसडीएम) तेंदूखेड़ा को आवेदन सौंपकर वन विभाग द्वारा बंद किए गए परम्परागत कृषि मार्ग को पूर्ववत चालू कराने की मांग की।
किसानों ने आवेदन में बताया कि ग्राम के डिपो के पास से पूर्व दिशा की ओर वन विभाग की नर्सरी होते हुए नदी तक जाने वाला मार्ग वर्षों से उपयोग में है। इसी रास्ते से किसान अपनी कृषि भूमि तक पहुंचकर खेती-किसानी करते हैं तथा ट्रैक्टर, हार्वेस्टर सहित अन्य कृषि यंत्रों का आवागमन भी होता है। वर्तमान में वन विभाग द्वारा नर्सरी निर्माण के दौरान इस मार्ग को बंद कर दिए जाने से किसानों को खेती के कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आवेदन में उल्लेख किया गया कि पूर्व में भी इसी स्थान पर वन विभाग द्वारा नर्सरी बनाई गई थी, तब किसानों के आवागमन के लिए रास्ता खुला रखा गया था। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने मार्ग को यथावत बहाल किया जाए ताकि खेती-किसानी प्रभावित न हो।
आवेदन में प्रभावित किसानों के रूप में जगत सिंह, भगवान सिंह उर्फ बबलू, हुलामी सिंह, प्रभा बाई, धन्नू पाल, फूला पाल, भोजराज पाल, हल्ले पाल, स्वरूप पाल, प्रभु पाल, संतोष पाल, परसराम पाल, दुर्गेश पाल, भगवत पाल, स्वरुपा पाल, बड़ी पान, गोण गुड्डा पाल, खुशाली पाल, अम्बिका पाल, मनीराम पाल, सोनी पाल, नब्बू पान, बल्देव सिंह, चक्खन सिंह एवं साहब सिंह के नाम शामिल हैं।
वहीं आवेदन पर आवेदक के रूप में पंच भोजराज पाल, भूरेलाल पाल, डेलन सिंह, संतोष पाल, हीरा सिंह, बद्री पाल, टेक सिंह, सीताराम, मोहन लोधी, बेनी सिंह, नंदन सिंह, कृष्णा लोधी एवं दुर्गेश सिंह के हस्ताक्षर किए गए हैं।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र स्थल निरीक्षण कराकर परम्परागत कृषि मार्ग को पूर्ववत चालू कराया जाए, जिससे खेती-किसानी एवं कृषि यंत्रों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
