तेंदूखेड़ा की दयोदय गौशाला में जिला स्तरीय कार्यशाला: गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, गोबर-गोमूत्र से आय बढ़ाने का आह्वान

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तेंदूखेड़ा/दमोह, 10 जुलाई। तेंदूखेड़ा स्थित दयोदय गौशाला में शुक्रवार को गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले की विभिन्न गौशालाओं के संचालकों ने भाग लेकर अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए। कार्यशाला में प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गौसंरक्षण और गोसेवा के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार गौमाता के भरण-पोषण के लिए प्रति गाय 1200 रुपये प्रतिमाह उपलब्ध करा रही है तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को भी लाभ पहुंचाया जा रहा है।

राज्यमंत्री लखन पटेल ने कहा कि दमोह जिले की 56 गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने गौशाला संचालकों से गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तथा गोमूत्र से फिनाइल, जैविक उत्पाद और अन्य उपयोगी सामग्री तैयार कर उनके विपणन के माध्यम से आय के नए स्रोत विकसित करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि इससे गौशालाओं की शासन पर निर्भरता कम होगी और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आनंदधाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि गौमाता सदैव पूजनीय रही हैं, लेकिन स्वार्थवश उन्हें सड़कों पर छोड़ देना गंभीर भूल है। वहीं ने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार एक गौमाता के पालन का संकल्प ले, तो निराश्रित गौवंश की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है।

कार्यशाला में नगर परिषद अध्यक्ष सुरेशचंद जैन, उपाध्यक्ष लक्ष्मी नामदेव, ठाकुर मूरत सिंह, भारत सिंह लोधी, नीतू साहू, रश्मि साहू, गोविंद यादव, वीरेंद्र आचार्य, डॉ. परम सिंह लोधी, शुभम जैन, गौशाला समिति के अध्यक्ष संजय जैन, अमरचंद जैन सहित जनप्रतिनिधि, गौशाला समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

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