खेतों में झूल रहे नंगे बिजली के तार, किसानों ने जताई हादसे की आशंका

तेंदूखेड़ा। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों की बदहाल स्थिति किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर बिजली के नंगे तार काफी नीचे झूल रहे हैं और जगह-जगह क्षतिग्रस्त भी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पुरा के ब्यारमा नदी किनारे कटनी हार क्षेत्र में किसान गुलाब सिंह के खेत के पास लगी विद्युत डीपी पर सर्विस लाइन के कनेक्शन अस्थायी (जुगाड़) तरीके से जुड़े हुए हैं। आरोप है कि तेज हवा चलने पर कनेक्शन बार-बार टूट जाते हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इसके बाद किसानों को स्वयं जोखिम उठाकर कनेक्शन ठीक करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी डीपी से नदी पार जाने वाली बिजली लाइन का एक तार जमीन से लगभग 10 फीट या उससे भी कम ऊंचाई पर झूल रहा है। इसी रास्ते से किसान, ग्रामीण और मवेशी निकलते हैं। वर्तमान में खेतों में बुवाई का कार्य चल रहा है और ट्रैक्टर सहित कृषि यंत्रों की आवाजाही बढ़ गई है। ऐसे में झूलते तार दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
नरेंद्र, महेंद्र, खिलान और गुलाब सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली के तार झूल रहे हैं, जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को होने के बावजूद अब तक सुधार कार्य नहीं किया गया है।
वहीं आनंद सिंह लोधी और सुरतार सिंह लोधी ने आरोप लगाया कि तेजगढ़-हर्रई-सिंगौरगढ़ विद्युत वितरण केंद्र के अंतर्गत कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों का समुचित निराकरण नहीं होता और कई मामलों में शिकायतों का गलत प्रतिवेदन देकर उन्हें बंद कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने अनियमित बिजली बिल और अवैध वसूली जैसे आरोप भी लगाए हैं।
विभाग का पक्ष जानने का प्रयास
इस संबंध में कनिष्ठ अभियंता शिव दयाल अहिरवार से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से झूलते तारों को तत्काल दुरुस्त कराने और डीपी पर सुरक्षित एवं स्थायी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
