नगर में गहराया जल संकट, प्यासे रह रहे लोग; आरोप—होटलों व मुख्य मार्ग पर टैंकर, बस्तियों की अनदेखी

तेंदूखेड़ा। नगर तेंदूखेड़ा इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है। कई वार्डों में लोगों को पांच-पांच दिन तक पेयजल नहीं मिल पा रहा है। परेशान नागरिकों का कहना है कि शिकायतों, आवेदन और विरोध-प्रदर्शन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नगर में नर्मदा पेयजल योजना और नगर परिषद की पाइपलाइन दोनों से जलापूर्ति की जाती है, लेकिन सप्लाई नियमित नहीं होने से अधिकांश क्षेत्रों में पानी की किल्लत बनी हुई है। नगर के अंतिम छोर पर स्थित बस्तियों में स्थिति अधिक गंभीर है, जहां कम प्रेशर और मोटर पंपों के अत्यधिक उपयोग के कारण पानी नहीं पहुंच पाता।
वार्ड क्रमांक 12, मस्जिद के आगे रहने वाले लोगों का आरोप है कि यहां केवल नर्मदा लाइन पर निर्भर रहना पड़ता है, जबकि नगर परिषद की पाइपलाइन करीब छह माह पहले नाली निर्माण के दौरान हटाई गई थी और आज तक दोबारा नहीं जोड़ी गई। इसके कारण क्षेत्र में पेयजल संकट लगातार बना हुआ है।
स्थानीय निवासी लक्ष्मण, सीताराम और पंकज का आरोप है कि नगर परिषद के टैंकर मुख्य बस मार्ग स्थित चाय-नाश्ते की दुकानों और उन क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी पहुंचा रहे हैं, जहां पहले से दोनों पाइपलाइनों से जलापूर्ति हो रही है। वहीं उनकी बस्ती में बार-बार मांग करने के बावजूद टैंकर नहीं भेजे जा रहे हैं।
नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि जल प्रभारी को कई बार फोन करने पर भी संपर्क नहीं हो पाता। उनका कहना है कि वार्ड क्रमांक 12 के पार्षद द्वारा भी पेयजल समस्या को लेकर नगर परिषद को कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
नगर परिषद का पक्ष
नगर परिषद के अधिकारी राजेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि संबंधित पाइपलाइन को शीघ्र जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी तथा जलापूर्ति सुधारने के लिए नया मोटर पंप भी लगाया जाएगा, जिससे प्रभावित क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
