रोक के बावजूद धड़ल्ले से जलाई जा रही पराली, जंगलों तक पहुंच रही आग

तेंदूखेड़ा। दमोह जिले के तेंदूखेड़ा विकासखंड में पराली जलाने पर प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद किसान खुलेआम खेतों में आग लगा रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के जंगलों और रिहायशी क्षेत्रों में भी आग फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पर सख्ती से रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार ग्राम रामादेही और तेंदूखेड़ा के बीच बहने वाली गौरैया नदी के दोनों ओर स्थित खेतों में किसानों द्वारा पराली जलाई जा रही है। इसी तरह ग्राम बगदरी के पास नाले किनारे की कृषि भूमि में भी आग लगाकर फसल अवशेष नष्ट किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इनमें से कुछ भूमि राजस्व एवं वन विभाग की शासकीय भूमि है, जहां खेती करने वाले लोग भी पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
वहीं तिपनी बीट क्षेत्र में सड़क किनारे लगी आग धीरे-धीरे जंगल की ओर फैल गई। ग्राम नादियाहार में भी किसानों द्वारा खेतों की पराली और झाड़ियों में आग लगाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। आग की ऊंची लपटें और तेज हवा के कारण स्थिति कई बार नियंत्रण से बाहर होने की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीण हलकाई यादव, भूरा साहू और धनी ने बताया कि दो दिन पहले गौरैया नदी के किनारे खेतों में लगाई गई आग हवा के कारण बेकाबू हो गई थी और तेजी से रिहायशी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी। आग वार्ड क्रमांक 12 निवासी करसोलिया महाराज के घर के पास तक पहुंच गई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में लगाई जाने वाली आग कई बार जंगलों तक पहुंच जाती है, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान होता है। आग की चपेट में आकर बहुमूल्य वृक्ष जल जाते हैं और वन्यजीवों के जीवन पर भी खतरा मंडराने लगता है। पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ भूमि की उर्वरा शक्ति पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

उल्लेखनीय है कि पर्यावरण संरक्षण और भूमि की उर्वरता बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में आदेशों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन निगरानी बढ़ाए, नियमित जांच कराए और पराली जलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि आगजनी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।
