दिसम्बर की कड़ाके की ठंड नगर परिषद ने नही की अलाव की ब्यवस्था
दिसंबर माह में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। ठंड से बचाव के लिए नगर परिषद द्वारा अब तक अलाव की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिससे आम नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
सुबह-शाम शीतलहर चलने से बुजुर्गों, बच्चों और असहाय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बस स्टैंड, बाजार, अस्पताल और प्रमुख चौराहों पर अलाव न होने के कारण लोग खुले में ठंड सहने को विवश हैं।बस स्टैंड पर तारादेही तिगड्डे पर लोग प्लास्टिक एवं पन्नियां बीन कर आग जला रहे हैं और ठंड से बचने काप्रयास कर रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष नगर परिषद द्वारा अलाव जलाए जाते हैं, लेकिन इस बार अब तक कोई पहल नहीं की गई।स्थानीय लोगो ने बताया है कि नगर परिषद ने करीब एक माह पहले दो तीन जगह सिर्फ औपचारिकता वस कुछ लकड़ियां डाली थी लेकिन उस दिन से अभी तक कहि कोई लकड़ियां नही डाली गई है और नगर परिषद के द्वारा दो दो ट्राली लकड़ियां जंगल विभाग से सूखी ले आये हैं लेकिन लकड़ियां अलाव के स्थान तक नही पहुची है।
नागरिकों ने नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शीघ्र अलाव की व्यवस्था कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो ठंड से बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं नगर परिषद के अधिकारियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
जनता ने प्रशासन से मांग की है कि ठंड को देखते हुए तत्काल अलाव, और अन्य राहत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि लोगों को इस भीषण सर्दी से कुछ राहत मिल सके।
*तेंदुखेड़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी श्रेयांश जैन ने कहा कि नगर परिषद ने मुझसे दो बार लकड़ी मांगी थी तीसरी बार नही मांगी अगर डिमांड आती है तो हम फिर से लकड़ियां देगे।नगर परिषद अधिकारी पीयूष अग्रवाल ने बताया कि नगर में सभी जगह अलाव जल रहे अलाव एवं जल प्रभारी राम कुमार यादव ने बताया है कि दो जगह अस्प्ताल एवं बस स्टैंड पर कल ही लकड़ियां डलवाई है और तारादेही तिगड्डे पर इसलिय नही डलवाई की क्योकि वहा से कोई लकड़ियां ले जाता है*


