फायलेरिया (हांथीपांव) नियंत्रण हेतु चिन्हित ग्रामों में किया गया नाईट ब्लड सर्वे

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दमोह: 

            मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉं. आर.के. अठ्या के निर्देशन में जिले के मलेरिया विभाग द्वारा मलेरिया, डेंगू/चिकिनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ फायलेरिया (हांथीपांव) बीमारी के नियंत्रण हेतु भी समय-समय भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं । इसी क्रम में जिले के चिन्हित ग्रामों में नाईट ब्लड सर्वे का कार्य किया गया जिसमें फायलेरिया (हॉंथीपांव) के परजीवी की जॉंच की जाती है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 20 वर्ष से उपर प्रत्येक साईट पर 50 लोगों के रक्त नमूने प्राप्त किये जाते हैं, इसके बाद रक्त की जॉच कर फायलेरिया परजीवी के मौजूद होने का पता लगाया जाता है।

            इस कार्यक्रम के अन्तर्गत 24 नवम्बर को दमोह शहरी क्षेत्र के मांगज वार्ड क्रं 06 में 51 लोगों के रक्त नमूने फायलेरिया की जॉच हेतु प्राप्त किये गये। 25 नवम्बर को हटा ब्लॉक के निमरमुण्डा ग्राम के 50 लोगों के रक्त नमूने फायलेरिया की जॉच हेतु प्राप्त किये गये। 26 नवम्बर को हिण्डोरिया नगर के वार्ड क्रं. 03 में 51 लोगों के रक्त नमूने फायलेरिया की जॉच हेतु प्राप्त किये गये एवं 27 नवम्बर को पथरिया ब्लॉक के ग्राम नंदरई में 61 लोगों के रक्त नमूने फायलेरिया की जॉच हेतु प्राप्त किये गये। जिनकी जॉच कर रक्त में फायलेरिया परजीवी का पता लगाकर पॉजिटिव व्यक्तियों को उपचार उपलब्ध कराया जावेगा।

            जिला मलेरिया अधिकारी यामिनि सिलारपुरिया ने बताया जिले के कई ग्राम फायलेरिया प्रभावित हैं और फायलेरिया का संक्रमण अन्य व्यक्तियों में न फैले इस हेतु समय-समय पर नाईट ब्लड सर्वे कराया जाता है क्योंकि फायलेरिया के परजीवी रात्रि में ही रक्त में विचरण करते हैं। इसी लिये फायलेरिया की जॉच रात्रि मे ही की जाती है। 

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