निजी जमीन पर बना दिया SDM कार्यालय, कलेक्टर का बड़ा एक्शन

PWD ने बिना NOC और दस्तावेजों की जांच के शुरू करा दिया था निर्माण, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और शासकीय राशि की वसूली के निर्देश
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नए कार्यालय भवन के निर्माण से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा आवश्यक दस्तावेजों और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) की जांच किए बिना निजी कृषि भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए निर्माण रोकने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
निजी भूमि पर शुरू हुआ था निर्माण
मामला ग्राम तेंदूखेड़ा स्थित खसरा नंबर 170, रकबा 0.2590 हेक्टेयर से जुड़ा है। उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के अनुसार उक्त कृषि भूमि निजी भू-स्वामी के नाम दर्ज बताई गई है। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि PWD (भवन) दमोह ने भूमि के खसरा-नक्शे और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की पर्याप्त जांच किए बिना यहां SDM कार्यालय भवन का निर्माण प्रारंभ करा दिया।
भूमि स्वामिनी द्वारा 3 दिसंबर 2025 को कलेक्टर कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने उच्च न्यायालय, जबलपुर का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई
मामले में रिट पिटीशन क्रमांक 5405/2026 का उल्लेख किया गया है। हाईकोर्ट द्वारा 10 मार्च 2026 को संबंधित आवेदन का निर्धारित अवधि में निराकरण करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद मामले से संबंधित अवमानना याचिका भी दायर की गई।
हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में कलेक्टर कार्यालय द्वारा राजस्व प्रकरण क्रमांक 006/ब-121/2026-27 में संबंधित अधिकारियों के जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की गई।
कलेक्टर ने जारी किया स्पीकिंग ऑर्डर
जांच के बाद कलेक्टर दमोह प्रताप नारायण यादव द्वारा 12 अगस्त 2026 के आदेश तथा 27 अगस्त 2026 के पत्र क्रमांक 1429 के माध्यम से मामले में निर्देश जारी किए गए।
आदेश में विवादित निजी भूमि पर आगे किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप और निर्माण को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही PWD के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, उपयंत्री एवं सहायक उपयंत्री के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को भेजने की प्रक्रिया के निर्देश दिए गए हैं।
शासकीय राशि की भी होगी जांच
मामले में निर्माण कार्य पर खर्च की गई शासकीय राशि की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार यदि बिना वैधानिक प्रक्रिया के शासकीय राशि खर्च किया जाना पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों से नियमानुसार राशि की वसूली की जाएगी।
अब सरकारी जमीन पर बनेगा SDM कार्यालय
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तेंदूखेड़ा SDM कार्यालय के नए भवन का निर्माण नियमानुसार चिन्हित शासकीय भूमि पर ही कराया जाएगा। संबंधित विभाग को निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी एवं आदेश की प्रतिलिपि संबंधित उच्च अधिकारियों, जिसमें आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग तथा प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग शामिल हैं, को भी भेजे जाने की बात कही गई है।
मामले ने सरकारी निर्माण कार्यों में भूमि संबंधी दस्तावेजों, स्वामित्व की जांच और आवश्यक NOC की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि निर्माण में कितनी शासकीय राशि खर्च हुई और इसके लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार पाए जाते हैं।
