फर्जी सिम कार्ड एक्टिव कर बेचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, “ऑपरेशन FACE” के तहत बड़ी कार्रवाई

दमोह। जिले में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सिम कार्ड एक्टिव कर बेचने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राज्य स्तर पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन FACE (Facial Authentication and Compliance Enforcement)” के तहत की गई।
पुलिस अधीक्षक , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी हटा के मार्गदर्शन में साइबर सेल एवं थाना हटा पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
1200 से अधिक फर्जी सिम का खुलासा
राज्य साइबर सेल भोपाल और साइबर सेल दमोह द्वारा उपलब्ध कराई गई डायरेक्टरी के विश्लेषण में वर्ष 2019 से 2021 के बीच कुल 1204 फर्जी सिम कार्ड सक्रिय पाए गए। जांच के दौरान टेलीकॉम कंपनियों से CAF (कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म) रिपोर्ट प्राप्त कर उनका सूक्ष्म परीक्षण किया गया।
जांच में सामने आया कि कस्बा हटा निवासी प्रवीनराज दुबे एवं अखिलेश चौरसिया के आधार कार्ड का कूटरचित तरीके से उपयोग कर उन पर आरोपियों की फोटो लगाकर फर्जी सिम कार्ड जारी किए गए।
ये हैं आरोपी
पुलिस ने इस मामले में
- भरत उर्फ मोंटी तंतवाय (निवासी कमला नेहरू वार्ड, हटा)
- रजनीश अहिरवार (निवासी ग्राम कुलुआ, थाना हटा)
को गिरफ्तार किया है।
ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
आरोपी असली ग्राहकों के दस्तावेज (आधार कार्ड) का दुरुपयोग कर अपनी फोटो लगाकर अलग-अलग नामों से सिम कार्ड एक्टिव करते थे। साथ ही सिग्नेचर वेरिफिकेशन के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था। यह पूरा काम आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से किया जा रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 468, 471, 34 एवं आईटी एक्ट की धारा 66 (C) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है।
अन्य मामलों की जांच जारी
पुलिस के अनुसार अभी अन्य संदिग्ध सिम कार्डों की CAF रिपोर्ट टेलीकॉम कंपनियों से प्राप्त होना शेष है। रिपोर्ट मिलने के बाद और भी आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक सुधीर कुमार बेगी, उपनिरीक्षक नरेन्द्र तिवारी, प्रधान आरक्षक अनिल गौतम, महेन्द्र कुमार, आरक्षक पवन पटैल तथा साइबर सेल के सौरभ टंडन, राकेश आठ्या, रोहित राजपूत, मयंक दुबे एवं अभिषेक कोष्टी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में फर्जी सिम कार्ड के अवैध कारोबार पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
