तेंदूखेड़ा में शराब दुकानों पर ओवररेटिंग का आरोप, उपभोक्ताओं में आक्रोश

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तेंदूखेड़ा। नगर में संचालित दोनों शराब दुकानों पर प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बेचने के आरोप सामने आए हैं। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और कई उपभोक्ताओं ने इसे सोशल मीडिया पर भी वायरल किया है, बावजूद इसके अब तक आबकारी विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।

स्थानीय निवासी राजू पाल, मनोज सेन और रक्कू मोहन ने बताया कि नगर में संचालित शराब दुकानों का ठेका संजीत राय के नाम है, जो दुकान के बोर्ड पर भी अंकित है। उनका आरोप है कि जिन शराब की बोतलों पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 65 से 75 रुपये तक अंकित है, वही शराब उपभोक्ताओं को 90 से 100 रुपये तक में बेची जा रही है।

नियमों का उल्लंघन, रेट लिस्ट भी नहीं
लोगों का कहना है कि आबकारी नियमों के अनुसार प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बेचना अपराध है, लेकिन इसके बावजूद खुलेआम ओवररेटिंग की जा रही है। इतना ही नहीं, दुकानों पर अनिवार्य रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं की गई है।

उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि जब वे प्रिंट रेट पर शराब देने की बात करते हैं, तो सेल्समेन विवाद करने पर उतारू हो जाते हैं। इससे आम लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

मिलीभगत का आरोप
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जब आबकारी विभाग की ओर से जांच की जाती है, तो पहले से ही सेल्समेन को सूचना मिल जाती है और उस समय प्रिंट रेट पर ही शराब दी जाती है, जिससे कोई कार्रवाई नहीं हो पाती। लोगों ने आबकारी विभाग और ठेकेदारों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इसे “खुली लूट” बताया है।

आबकारी विभाग का पक्ष
इस मामले में आबकारी अधिकारी ने कहा कि विभाग द्वारा समय-समय पर जांच करवाई जाती है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी।

नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं का शोषण रोका जा सके।

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