समता मंच की पहल: शिक्षा और बाल विवाह पर जागरूकता सभा 📚

तेंदूखेड़ा ब्लॉक के ग्राम फुलर, देवरीखेड़ा, मझगुआ एवं सरसेला सहित आसपास के क्षेत्रों में समता मंच द्वारा शिक्षा, शाला त्याग और बाल विवाह जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर एक जागरूकता सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, महिलाएं एवं बच्चे शामिल हुए।
सभा में वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना और बीच में पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) की समस्या को रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल विवाह के दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए बताया गया कि कम उम्र में विवाह से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कार्यक्रम में पूनम कुर्मी, जेपी सर, दयाशंकर जी, आशा कार्यकर्ता मंजू पटेल एवं सत्यवती गौंड ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए शिक्षा के प्रति जागरूक किया तथा बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को पढ़ने, खेलने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। समाज को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और बाल विवाह जैसी कुप्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
अंत में समता मंच ने संकल्प लिया कि हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने और हर बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
संदेश:
“बच्चे देश का भविष्य हैं—इन्हें किताब दो, कंधों पर जिम्मेदारी नहीं। पढ़ेगा गांव, तभी बढ़ेगा गांव।”

