आजादी के बाद पहली बार बन रही सीसी सड़क, बटका मोहल्ला में खुशी की लहर, आदिवासी महिला सरपंच को ग्रामीणों ने दिया धन्यवाद

तेंदूखेड़ा (दमोह)।
आजादी के 75 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद क्षेत्र के कई गांव अब भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसा ही एक गांव जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत हिनौती सर्रा के बटका मोहल्ला का है, जहां अब पहली बार पक्की सड़क बनने जा रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
बटका मोहल्ला, जो राजस्व के अनुसार ग्राम पंचायत मझगवां माल में आता है, ब्यारमा नदी के किनारे बसा हुआ है। यहां लगभग 50 से 60 लोग निवास करते हैं। गांव मुख्य मार्ग तेजगढ़-झलौन से करीब डेंड किलोमीटर तथा पंचायत मुख्यालय से लगभग 3 किलोमीटर दूर है। अब तक यहां पक्के मार्ग का अभाव था, जिससे विशेषकर बारिश के दिनों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता था।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में न तो प्राथमिक स्कूल है और न ही आंगनवाड़ी केंद्र। बच्चों को 3 से 4 किलोमीटर दूर पढ़ने जाना पड़ता है। वहीं बारिश के समय ब्यारमा नदी में बाढ़ आने से गांव चारों ओर से कट जाता था, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

इसी समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत मझगवां माल की सरपंच ममता बाई गोंड ने पहल की। उनके एवं सचिव शोभा सिंह लोधी के प्रयासों से मुख्यमंत्री ग्राम सड़क अधोसंरचना योजना के तहत लगभग 500 मीटर लंबी सीसी सड़क स्वीकृत हुई है, जिसकी लागत करीब 24 लाख रुपये बताई जा रही है। निर्माण कार्य पंचायत के माध्यम से कराया जा रहा है।
ग्रामीण रूप सिंह लोधी, जाहर सिंह, अन्नी और रामस्वरूप सहित अन्य लोगों ने बताया कि आजादी के बाद पहली बार उनका गांव मुख्य मार्ग से जुड़ रहा है। उन्होंने सरपंच ममता बाई गोंड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सड़क के बनने से बारिश में होने वाली दिक्कतों से राहत मिलेगी और आपात स्थिति में लोग सुरक्षित स्थान तक पहुंच सकेंगे।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीण संतुष्ट नजर आए। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में उच्च गुणवत्ता की रेत, सीमेंट और गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। बेस तैयार कर पन्नी बिछाई जा रही है तथा बाइब्रेटर मशीन से मजबूती दी जा रही है। साथ ही नियमित तराई भी की जा रही है, जिससे सड़क लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे।
सहायक यंत्री एच.के. राज ने बताया कि निर्माण कार्य उपयंत्री की निगरानी में कराया जा रहा है और सभी तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

