तेन्दूखेड़ा से बड़ी खबर: अध्यापक-शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, टीईटी अनिवार्यता खत्म करने की मांग

तेन्दूखेड़ा (दमोह)। मध्यप्रदेश अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा, विकासखण्ड तेन्दूखेड़ा द्वारा आज अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तेन्दूखेड़ा के माध्यम से प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में शिक्षकों ने प्रमुख रूप से टी.ई.टी. (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई है। मोर्चा का कहना है कि पहले से सेवारत शिक्षकों पर टीईटी की बाध्यता अनुचित है, इसलिए शासन को इस विषय में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए।
इसके साथ ही शिक्षकों ने यह भी मांग की है कि अध्यापक शिक्षक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए। इससे उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण जैसे लाभ मिल सकेंगे।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित इन मांगों के कारण शिक्षकों में असंतोष है और शासन को शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
अंत में, अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने शासन से मांगों के शीघ्र निराकरण की अपेक्षा जताई है।
