शांति धाम की जमीन पर अतिक्रमण, अहिरवार समाज ने की सीमांकन व निर्माण की मांग

तेंदुखेड़ा (दमोह) – जनपद तेंदुखेड़ा की ग्राम पंचायत बमनोदा के आश्रित ग्राम केवलारी में शांति धाम की जमीन पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। इसको लेकर अहिरवार समाज के लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार शासन द्वारा प्रत्येक ग्राम में शांति धाम के लिए भूमि चिन्हित की जाती है, जहां अंतिम संस्कार हेतु आवश्यक सुविधाएं जैसे पानी, टीन शेड, बैठने की व्यवस्था, पेवर ब्लॉक और वृक्षारोपण की व्यवस्था की जाती है। लेकिन केवलारी में चिन्हित शांति धाम की जमीन पर कुछ दबंगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है।
बताया गया है कि शांति धाम के लिए लगभग 10 एकड़ से अधिक भूमि पूर्व में उपलब्ध थी, जहां सभी ग्रामीण अंतिम संस्कार करते थे। लेकिन धीरे-धीरे अतिक्रमणकारियों ने जमीन पर कब्जा कर खेती शुरू कर दी और कुछ ने मकान भी बना लिए। इसके चलते अब शांति धाम के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा है।
अहिरवार समाज के लोगों—हरिदास अहिरवार, लक्ष्मण अहिरवार, इमरत, शुकलाल, लोचन, रवि, राकेश, राजकुमार, रामचरन, दिनेश, संदीप आदि ने बताया कि वर्तमान स्थिति में उन्हें शांति धाम में अंतिम संस्कार करने नहीं दिया जाता, जिसके कारण वे मजबूरी में गांव के बाहर अपनी निजी जमीनों में अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि शांति धाम की जमीन का सीमांकन कराया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए और पुनः शांति धाम विकसित किया जाए। साथ ही उन्होंने मांग रखी कि वहां दो चबूतरे बनाए जाएं, ताकि अहिरवार समाज सहित सभी वर्गों को अंतिम संस्कार के लिए समुचित व्यवस्था मिल सके।
इस संबंध में तहसीलदार विवेक ब्यास ने बताया कि “गांव के कुछ लोग आ जाएं तो सीमांकन की प्रक्रिया करवाई जाएगी।”
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
