हाथी घाट आंगनवाड़ी-4 की सहायिका पद की अंतिम सूची जारी, लेकिन चस्पा नहीं—चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल

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तेंदुखेड़ा। तेंदुखेड़ा ब्लॉक की रिक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के 53 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पिछले वर्ष शुरू की गई थी। इन पदों के लिए आवेदन पत्र मई 2025 में लिए गए थे। जब प्रारंभिक चयन सूची प्रकाशित हुई तो दूसरे ही दिन कई केंद्रों के चयन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गईं और पूरी चयन प्रक्रिया पर फर्जीवाड़े के आरोप लगे थे।

बताया जाता है कि जांच और आपत्तियों के बाद 52 पदों पर नियुक्तियां कर दी गईं, लेकिन आंगनवाड़ी केंद्र हाथी घाट-4 की नियुक्ति रोक दी गई थी और मामले को जांच में रखा गया था। यह मामला लंबे समय तक जांच में लंबित रहा।

इसी बीच 6 मार्च 2026 को अचानक उक्त केंद्र की अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई। आरोप है कि सूची जारी तो कर दी गई,ना ही कोई बैठक बुलाई गई और किसी भी आपत्तिकर्ता को सूचित किया आरोप है सूची जारी तो कर दी गयी लेकिन उसे किसी भी कार्यालय में चस्पा नहीं किया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चयन प्रक्रिया गुपचुप तरीके से पूरी कर ली गई।

नियमों के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग में किसी भी पद पर नियुक्ति से पहले जिला पंचायत में बैठक आयोजित की जाती है। इस बैठक में सभी प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद चयन सूची प्रकाशित की जाती है और इसे तहसील कार्यालय, महिला एवं बाल विकास कार्यालय तथा जनपद पंचायत तेंदुखेड़ा में चस्पा किया जाता है, ताकि यदि किसी को आपत्ति हो तो वह 10 दिनों के भीतर दर्ज करा सके। साथ ही सूची को ऑनलाइन भी जारी किया जाता है।

लेकिन आरोप है कि हाथी घाट-4 के मामले में इन नियमों का पालन नहीं किया गया। बताया गया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, जिला दमोह के पत्र क्रमांक 1121-25/26 दिनांक 6 मार्च 2026 से सूची जारी कर दी गई, जबकि जिला पंचायत में इस संबंध में बैठक भी नहीं हुई।

नियमानुसार सूची के प्रकाशन के 10 दिनों के भीतर कोई भी व्यक्ति कलेक्टर कार्यालय दमोह में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है, लेकिन जब सूची सार्वजनिक रूप से चस्पा ही नहीं की गई तो आपत्ति कैसे दर्ज की जाएगी—यह सवाल उठाया जा रहा है।

जारी सूची में स्वेता सिंह लोधी को चयनित और कुमारी रितिका लोधी को प्रतीक्षा सूची में बताया गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि परियोजना अधिकारी द्वारा नियमों का पालन नहीं किया गया और किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है।

क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि इस चयन सूची को निरस्त कर पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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