झलौन में शराब दुकान को लेकर बवाल, महिला सरपंच की दो टूक — “अब हटेगी दुकान या होगा आंदोलन!”

झलौन तेंदूखेड़ा चंद्र प्रताप
तेंदूखेड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत झलौन में वर्षों से आबादी के बीच संचालित शराब दुकान को लेकर एक बार फिर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस बार मोर्चा संभाला है गांव की महिला सरपंच अनीता चक्रेश जैन ने, जिन्होंने आबकारी के नए टेंडर से पहले प्रशासन को पत्र लिखकर शराब दुकान हटाने की पुरजोर मांग की है।

अस्पताल और खेल मैदान के बीच शराब दुकान!
ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकान शासकीय अस्पताल, उप स्वास्थ्य केंद्र और खेल मैदान के ठीक सामने संचालित हो रही है। दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिला कर्मचारी और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई महिलाएं तो डर के कारण स्वास्थ्य केंद्र तक जाने से कतराने लगी हैं।
कलेक्टर को भी दिया था आवेदन, पर नहीं हुई कार्रवाई
2 अप्रैल 2025 को मातृशक्ति वंदना शिविर के औचक निरीक्षण के दौरान तत्कालीन कलेक्टर सुधार कोचर को ग्रामीणों ने लिखित आवेदन सौंपा था। आश्वासन भी मिला, लेकिन दुकान यथावत बनी रही।
इतना ही नहीं, 16 अगस्त 2023 की ग्रामसभा में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर शराब दुकान हटाने की मांग की गई थी। बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
“गांव का माहौल खराब हो रहा” — सरपंच
महिला सरपंच अनीता जैन ने नायब तहसीलदार को पत्र लिखकर स्पष्ट कहा है कि शराब दुकान के कारण गांव का सामाजिक और पारिवारिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है और मुख्य मार्ग पर आए दिन विवाद की स्थिति बनती है।
उन्होंने मांग की है कि शराब दुकान को आबादी और मुख्य मार्ग से दूर स्थानांतरित किया जाए ताकि गांव में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बन सके।

अब प्रशासन क्या करेगा?
झलौन में यह मुद्दा अब जनभावना से जुड़ चुका है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन एक महिला सरपंच और ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर कार्रवाई करेगा, या फिर मामला फिर आश्वासन तक ही सीमित रहेगा?
ग्रामीणों ने संकेत दिए हैं कि यदि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन की राह भी अपनाई जा सकती है।
