तेंदूखेड़ा: दयोदय श्री विद्यासागर पशु सेवा केंद्र में वित्तीय अनियमितता के आरोप, जांच की मांग तेज

तेंदूखेड़ा। नगर में संचालित दयोदय श्री विद्यासागर पशु सेवा केंद्र की प्रबंधन समिति में इन दिनों मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। समिति के कुछ सदस्यों ने कलेक्टर और एसडीएम को लिखित आवेदन देकर अध्यक्ष संजय जैन पर मनमानी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। प्रशासन ने आवेदन को जांच में ले लिया है।
पूर्व कोषाध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
समिति के पूर्व कोषाध्यक्ष ऋषभ सिंघई (पप्पू सिंघई) का आरोप है कि गोशाला में अच्छी नस्ल की गायों के लिए अलग हॉल बनाकर विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। इन गायों के लिए दाना-भूसा, बिजली, पानी, कूलर और पंखों का खर्च गोशाला के कोष से किया जा रहा है तथा कर्मचारियों को भी उनकी सेवा में लगाया गया है।
उनका दावा है कि इन गायों से प्रतिदिन लगभग 40 लीटर से अधिक दूध प्राप्त होता है, जो अध्यक्ष के घर भेजा जाता है और वहीं से विक्रय होता है। आरोप है कि दूध बिक्री से प्राप्त राशि गोशाला के कोष में जमा नहीं की जाती और रजिस्टर में उसका उल्लेख भी नहीं है।
जमीन उपयोग को लेकर भी विवाद
आरोपों में यह भी कहा गया है कि शासन द्वारा गोशाला को हरा चारा उगाने के लिए दी गई भूमि के एक हिस्से में गेहूं की फसल बोई गई है। जबकि गोशाला में हरे चारे की आवश्यकता अधिक है। पूर्व कोषाध्यक्ष का आरोप है कि गेहूं का उपयोग निजी तौर पर किया जा रहा है, जबकि फसल उत्पादन में बिजली, पानी और कर्मचारियों का खर्च गोशाला के खाते से किया गया।
समिति के सदस्यों ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से कराने की मांग की है।
अध्यक्ष ने आरोपों को किया खारिज
वहीं गोशाला अध्यक्ष संजय जैन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि संस्था का पूरा हिसाब-किताब उपलब्ध है और गेहूं सहित अन्य फसलें गोशाला के उपयोग के लिए ही उगाई गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में डेढ़ लाख रुपये की धान बिक्री हुई है, जिसका लेखा-जोखा दर्ज है।
प्रशासनिक जांच पर टिकी नजर
मामले में दोनों पक्ष आमने-सामने हैं और अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई संभव है, वहीं आरोप निराधार पाए जाने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

