श्रीकर (एलएसआर सीड्स) SB 459 मक्का का डंका, सर्वाधिक उपज का प्रतिष्ठित सम्मान

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मध्य प्रदेश। प्रदेश के कृषि क्षेत्र से किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उन्नत बीज तकनीक के क्षेत्र में पहचान बना चुकी कंपनी श्रीकर (एलएसआर सीड्स) की मक्का किस्म SB 459 ने इस वर्ष सर्वाधिक उपज का प्रतिष्ठित सम्मान हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया है।
सरकारी एवं निजी सर्वे रिपोर्टों में यह प्रमाणित हुआ है कि सही बीज का चयन किसानों की तकदीर बदल सकता है। भीषण बारिश और विपरीत मौसम परिस्थितियों के बावजूद SB 459 ने बंपर उत्पादन देकर किसानों को मालामाल कर दिया।
रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन, किसानों में खुशी की लहर
हाल ही में जारी फसल सर्वेक्षण और कृषि उत्पादन के आंकड़ों के अनुसार SB 459 ने प्रदेश में “हाईएस्ट यील्ड” का रिकॉर्ड दर्ज किया है। कृषि विशेषज्ञों ने इसे मक्का उत्पादन के क्षेत्र में “गेम चेंजर” बताया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस किस्म में
- मौसम प्रतिरोधक क्षमता बेहतर है
- पौधे मजबूत और झुकाव कम
- दाना चमकदार, वजनदार और भराव उत्कृष्ट
- उत्पादन क्षमता अन्य सामान्य किस्मों से अधिक

मंडियों में भी बेहतर दाम
मंडी रिपोर्ट्स के अनुसार SB 459 का दाना चमकदार और भारी होने के कारण किसानों को सामान्य मक्का की तुलना में अधिक दाम प्राप्त हुए हैं। बेहतर गुणवत्ता के कारण व्यापारियों में भी इस किस्म की मांग बढ़ी है।
संबंध प्रबंधक का बयान
संबंध प्रबंधक जय ओम सूर्यवंशी (शिवनी) ने बताया कि श्रीकर (एलएसआर सीड्स) की SB 459 मक्का से किसान बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा,
“हमारा उद्देश्य किसानों को उन्नत एवं भरोसेमंद बीज उपलब्ध कराना है। आने वाले वर्षों में भी हम किसानों के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले बीजों का संरक्षण और विस्तार करेंगे।”
किसानों की पहली पसंद बनी SB 459
प्रदेश के कई जिलों में किसानों ने इस किस्म को पहली पसंद बताया है। लगातार बेहतर परिणामों के चलते SB 459 मक्का अब मध्य प्रदेश में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
निष्कर्ष:
भीषण बारिश के बावजूद रिकॉर्ड उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और मंडियों में ऊँचे दाम—इन सभी कारणों से श्रीकर (एलएसआर सीड्स) की SB 459 मक्का किस्म ने प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह किस्म आने वाले समय में मक्का उत्पादन की दिशा बदल सकती है। 🌽
