आस्था के मार्ग पर ‘कीचड़’ का पहरा: समनापुर में राम मंदिर जाने वाली सड़क बदहाल

तेंदूखेड़ा (दमोह)। ब्लॉक के ग्राम समनापुर में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। गांव में भगवान राम मंदिर तक जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों कीचड़ और गंदगी से सराबोर है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है।
बिना बारिश के बाढ़ जैसे हालात
हैरानी की बात यह है कि अभी बारिश का मौसम शुरू भी नहीं हुआ है, फिर भी सड़क की स्थिति ऐसी है मानो भारी वर्षा हुई हो। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने और सड़कों के रखरखाव के अभाव में जगह-जगह पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सूखे मौसम में यह हाल है, तो मानसून में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
श्रद्धालुओं में रोष
राम मंदिर गांव की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कीचड़ भरे मार्ग के कारण बुजुर्गों और बच्चों को फिसलकर गिरने का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मंदिर मार्ग पर जगह-जगह जलभराव
प्रशासनिक अनदेखी के आरोप
मानसून से पहले सड़क निर्माण न होने पर संपर्क कटने की आशंका
बाजार और सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
ग्राम समनापुर में शनिवार को साप्ताहिक बाजार लगता है। ग्रामीणों का कहना है कि बाजार के दिन भी नियमित सफाई नहीं हो पाती। सफाईकर्मी को भी पर्याप्त व्यवस्था के बिना रोका गया है, जिससे गंदगी की समस्या और बढ़ रही है।
पूर्व सरपंच चेतराम पाल, गुड्डा पाल, खेतसिंह पाल, सुरेंद्र पाल और करन पाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत द्वारा दूषित जल निकासी के लिए समुचित नालियों का निर्माण नहीं कराया गया है। जहां नालियां बनी हैं, वहां भी नियमित सफाई न होने से पानी सड़कों पर जमा हो रहा है।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सड़क का सुधार और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘आस्था के मार्ग’ को कीचड़ मुक्त बनाने के लिए कब ठोस कदम उठाता है।
ग्राम पंचायत सचिव दौलत सिंह को फोन लगाया तो उन्होंने फोन नही उठाया
