गौशाला की सदस्यता व निर्वाचन प्रक्रिया पर उठे सवाल, एसडीओ को सौंपा गया ज्ञापन

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तेंदूखेड़ा (दमोह)।
आचार्य विद्यासागर दयोदय पशु संवर्धन केंद्र (गौशाला) तेंदूखेड़ा में नवीन सदस्यता एवं निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सकल दिगम्बर जैन समाज ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। समाज की ओर से अनुविभागीय अधिकारी तेंदूखेड़ा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को दूषित एवं बायलॉज के विरुद्ध बताया गया है।
ज्ञापन में बताया गया कि गौशाला संचालन समिति के अध्यक्ष द्वारा 51 नवीन सदस्यों की सदस्यता का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, किंतु मात्र प्रस्ताव के आधार पर किसी को सदस्य बनाना विधि सम्मत प्रक्रिया नहीं है। समाज का कहना है कि गौशाला की स्थापना के समय स्वीकृत बायलॉज के अनुसार केवल 31 संस्थापक सदस्यों को ही सदस्यता अनुमोदन एवं निर्वाचन में मतदान का अधिकार प्राप्त है।
सकल दिगम्बर जैन समाज ने मांग की है कि प्रस्तावित 51 सदस्यों की सदस्यता को तब तक अपूर्ण माना जाए, जब तक कि 31 विधिक सदस्यों की बैठक बुलाकर बहुमत से उनका अनुमोदन नहीं किया जाता। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष द्वारा बनाए गए अतिरिक्त सदस्यों को बायलॉज के अनुसार मतदान का अधिकार नहीं है।
समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि 31 मूल सदस्यों में से किसी की मृत्यु अथवा अन्य कारणों से सदस्यता समाप्त हुई है, तो उनके स्थान पर बनाए गए सदस्यों की वैधानिक स्थिति पहले स्पष्ट की जानी आवश्यक है। जब तक यह तय नहीं हो जाता कि वर्तमान में वैध 31 सदस्य कौन हैं, तब तक निर्वाचन कराना नियमों के विरुद्ध होगा।
ज्ञापन में दिनांक 03 फरवरी 2026 को हुई कथित बैठक एवं उसमें लिए गए सभी निर्णयों को अवैध घोषित करते हुए, गौशाला की निर्वाचन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन स्तर पर न्याय नहीं मिला तो सकल दिगम्बर जैन समाज उच्च न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होगा।
इस संबंध में प्रार्थी भागचंद जैन, ऋषभ सिंघई एवं गोलू जैनएवं अन्य सदस्यों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि बायलॉज के अनुसार 31 विधिक सदस्यों की स्थिति स्पष्ट होने तक निर्वाचन पर रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

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