तेंदुखेड़ा में जर्जर भवन में संचालित निजी स्कूल, नियमों की खुलेआम अनदेखी

जिला दमोह के नगर तेंदुखेड़ा में सागर–जबलपुर स्टेट हाईवे के किनारे वार्ड क्रमांक 8 में संचालित जे.आर. कॉन्वेंट स्कूल गंभीर सुरक्षा खतरे के बीच चल रहा है। स्कूल में केजीएन से लेकर कक्षा आठवीं तक के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि जिस भवन में स्कूल संचालित हो रहा है वह अत्यंत जर्जर अवस्था में है।
स्थानीय लोगों के अनुसार भवन की छत से सीमेंट उखड़ रहा है, सरिया पूरी तरह दिखाई देने लगी है और कई स्थानों पर सरिया गल चुकी है। बताया गया कि यह भवन लगभग 20 वर्ष से अधिक पुराना है और अब तत्काल मरम्मत की मांग कर रहा है। भवन दो खंडों में निर्मित है—नीचे का खंड अत्यधिक जर्जर हो चुका है, वहीं ऊपर का खंड भी लगातार कमजोर होता जा रहा है। लोगों ने आशंका जताई है कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

स्कूल प्रबंधन की ओर से प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय में 200 से अधिक बच्चे दर्ज हैं और मरम्मत का ठेका मकान मालिक द्वारा दे दिया गया है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से मरम्मत को लेकर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल संचालक द्वारा नगर में दो विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं—एक यही वार्ड क्रमांक 8 में और दूसरा वार्ड क्रमांक 9 भटरिया क्षेत्र में, वह भी निजी भवन में अलग नाम से। लोगों का सवाल है कि जब संचालक के पास स्वयं का भवन उपलब्ध है, तो फिर बच्चों को जबरन जर्जर भवन में क्यों पढ़ाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्कूल में खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं है, जो स्कूल संचालन के नियमों के तहत अनिवार्य मानी जाती है।

शिक्षा नियमों के अनुसार किसी भी विद्यालय के लिए सुरक्षित भवन, पर्याप्त कक्ष, खेल मैदान और नियमित निरीक्षण अनिवार्य है। इसके बावजूद ब्लॉक एवं जिला स्तर के संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण न किए जाने से ऐसी गंभीर लापरवाहियां सामने आ रही हैं। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग तत्काल निरीक्षण कर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करे, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले जिम्मेदारी तय हो सके।
