सामुदायिक कार्यक्रमों पर एक-दिवसीय अभिसरण कार्यशाला संपन्न
स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से अंतरा फाउंडेशन, दमोह द्वारा सामुदायिक कार्यक्रमों पर आधारित एकदिवसीय अभिसरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य स्वस्थ विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग तथा आजीविका विभाग को एक साथ, एक मंच पर एक उद्देश्य के लिए लाना था ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबधित सेवाओं को प्रदाय करने के दौरान जमीनी स्तर पर आ रही सामाजिक एवं व्यावहारिक बाधाओं के संभव समाधानों पर साथ मिलकर रणनीति बनाई जा सके, जिससे जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों को बेहतर किया जा सके।
कार्यशाला में अंतरा फाउंडेशन की प्रमुख सामुदायिक पहलों जैसे PLA ( सहभागी सीख एवं क्रियान्वयन), सहयोगी मातृ समिति (माताएं एवं सक्षमकर्ता समूह) और CAAA (सामुदायिक आधारित AAA बैठक ) पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। एवं यह चर्चा भी की गई कि जमीनी स्तर पर सामाजिक व्यवहार परिवर्तन को किस तरह से समन्वय एवं साझा रणनीति द्वारा बेहतर परिणाम देखे जा सकते हैं, जिसमें कैसे सामुदायिक आधारित AAA बैठकों के माध्यम से सक्रिय समुदाय सदस्य हाई रिस्क केसों के बेहतर सेवाओं तक पहुंच बनाने एवं उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायता कर सकते हैं, जिस पर सभी विभागों द्वारा प्रत्येक गांव में सक्रिय सदस्यों की पहचान एवं उनके स्वास्थ्य सेवाओं को जनमानस तक जागरूकता के जरिए पहुंचाने की बात पर भी सहमति बनाईं गई जिस हेतु आगामी दिवसों में कार्य किया जाना है।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि संवादात्मक कार्यशाला थी, जिसमें सरकारी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यशाला में मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. अठ्या, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी, ICDS AD संजीव मिश्रा, ICDS AD अनिल जैन एवं पंचायती राज, आजीविका मिशन के अधिकारीगण मौजूद रहे। सभी हितधारकों ने अंतरा टीम के साथ संवाद करते हुए कार्यक्रमों को समझा और अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला के दौरान अंतरा टीम ने प्रदर्शनी के माध्यम से यह भी दिखाया कि किस प्रकार समुदायिक बैठकों में पिक्चर कार्ड्स, खेल और सहभागितापूर्ण गतिविधियों का उपयोग कर जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इन तरीकों से न केवल समुदाय की भागीदारी बढ़ी है, बल्कि फ्रंटलाइन वर्कर्स (FLWs) को भी अपने कार्य में सहयोग मिला है।
कार्यशाला में साझा की गई वास्तविक जमीनी कहानियों ने यह स्पष्ट किया कि सामुदायिक सहभागिता और सरकारी सहयोग से सतत और प्रभावी बदलाव संभव है। अंतरा फाउंडेशन ने सभी सरकारी विभागों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।



