कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा संबंधितों को दिये गये निर्देश बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शालाओं में हुये कार्यक्रम
दमोह : 06 दिसम्बर 2025
कलेक्टर दमोह श्री सुधीर कोचर के निर्देशन में जिला कार्यक्रम अधिकारी जयवंत सिंह वर्मा के मार्गदर्शन में बटियागढ़ विकासखंड के हाई स्कुल बकायन एवं फुटेरा कलां के हायरसेकण्ड्री स्कूल में इस 100 दिवसीय अभियान के तहत शालाओं के बच्चों के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग एवं ममता एचआईएमसी संस्था के सहयोग से बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पर विस्तार से चर्चा की गई तथा इस कानून के बारे में प्रश्नोतरी रखी गई जिसके माध्यम से बच्चों में कानून के प्रति जागरूकता आई। कार्यक्रम के अंत में समस्त स्टाफ एवं बच्चों द्वारा बाल विवाह के खिलाफ शपथ ग्रहण की गई । कार्यक्रम में संजीव मिश्रा एवं ममता संस्था से जिला समन्वयक वीरेंद्र जैन, प्राचार्य हाई स्कुल बकायन वीरेंद्र श्रीवास्तव प्राचार्य हायरसेकण्ड्री स्कूल फुटेरा कला श्रीमति स्वेता जैन सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।
सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग संजीव मिश्रा द्वारा बताया गया कि 04 नवम्बर-25 को भारत सरकार के महिला बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह मुक्त अभियान की शुरुआत की गई जिसमे महिला एवं बाल विकास केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी एवं केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर द्वारा बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई । यह 100 दिवसीय अभियान जिले में मुख्य विभाग जैसे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदिमजाति कल्याण विभाग, पुलिस विभाग,उच्च शिक्षा विभाग आदि एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग एवं समन्वय से क्रियान्वयन किया जायेगा जिस हेतु कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा संबंधितों को निर्देशित किया गया है । सहायक संचालक द्वारा बताया गया कि अभियान 3 फेज में क्रियान्वयन किया जाएगा जिसमे कैंपेन का पहला फेज 31 दिसंबर,2025 तक शिक्षण संस्थानों जैसे-स्कूलों,कॉलेजों के जरिए जागरूकता फैलाने पर चलाया जायेगा ।
उन्होने बताया दूसरे फेज में 1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक धार्मिक जगहों और शादी से जुड़े सर्विस प्रोवाइडर्स पर विशेष ध्यान दिया जायेगा जिसमें मंदिर,मस्जिद,चर्च,गुरुद्वारे,वेडिंग हॉल,बैंड पार्टी, डी जे कैटरर और टेंट हाउस शामिल हैं । इस दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी,लोकल पुलिस और कम्युनिटी वॉलंटियर्स के साथ मिलकर शादी के मौसम में सघन निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। तीसरे फेज में 1 फरवरी 2026 से 8 मार्च 2026 तक समुदाय स्तर पर जुड़ाव और ओनरशिप को मजबूत करने के लिए ग्राम पंचायतों और नगर पालिका वार्ड पर फोकस किया जाएगा एवं बाल विवाह मुक्त पंचायतों एवं वार्डों का निर्माण किया जायेगा ।
लक्ष्य निर्धारित
उन्होंने बताया वर्ष 2029 तक सतत जन जागरूकता और सुद्दढीकरण द्वारा बाल विवाह को समाप्त करना, बाल विवाह समाप्ति के लिए समुदाय तथा गांव स्तर की संस्थाओं को सशक्त बनाना, विवाह पंजीयन को अनिवार्य बनाना, बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल के माध्यम से सक्रिय स्पिोर्टिंग एवं निगरानी को बढ़ावा देना, बाल विवाह मुक्त गांव और सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों का चिन्हांकन और सर्टिफिकेट देना, कानून प्रवर्तन एवं बाल सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता वृद्धि ताकि शिकायतों पर तत्काल हस्तक्षेप सुनिक्षित हो सके, बाल विवाह संपत्र न होने देने और इसे समाप्त करने में धर्मगुरुओं स्थानीय समुदायों मंदिरों मस्जिदों और चर्चों से अपील करना तथा रोकथाम-संरक्षण-प्रोत्साहन के सिद्धांत पर कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर बाल विवाह मुक्त भारत बनाना है।
अवॉर्ड और सर्टिफिकेशन के ज़रिए मान्यता एवं प्रोत्साहन
प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देने के उद्देश्य से इस अभियान में बाल विवाह मुक्त गाँव प्रमाण पत्र दिया जायेगा। ऐसे ग्राम पंचायतों को प्रमाणित किया जाएगा जो ओपचारिक रूप से शुन्य बाल विवाह के लिए प्रतिबद्ध हो। इसके अतिरिक्त रिपोर्टिंग रोकथाम एवं बाल विवाह मामलों में कमी लाने के आधार पर पूरे देश से सर्वश्रेष्ठ दस जिलों को ‘बाल विवाह मुक्त भारत योद्धा ‘की उपाधि प्रदान की जाएगी। इन जिलों को बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल पर विशेष स्थान दिया जाएगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, प्रतिबद्धता और उल्लेखनीय प्रयासों की आधिकारिक पहचान देगा।

