जननायक कार्यक्रम में वीर गाथाओं की गूंज- राजा हीराखान क्षत्रिय और रानी दुर्गावती के जीवन पर आधारित नाटकों का भव्य मंचन

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जननायक कार्यक्रम में वीर गाथाओं की गूंज- राजा हीराखान क्षत्रिय और रानी दुर्गावती के जीवन पर आधारित नाटकों का भव्य मंचन

मडियादो में दूसरे और तीसरे दिन कलाकारों ने पेश की ऐतिहासिक गाथाएं

दर्शकों ने सराहना की

दमोह: 29 नवम्बर 2025

            मडियादो में आयोजित जननायक कार्यक्रम के दूसरे और तीसरे दिन वीरता, त्याग और इतिहास की अमर कहानियां मंच पर जीवंत हुईं। भोपाल, सीधी सहित अन्य जिलों से आए कलाकारों ने राजा हीराखान क्षत्रिय और रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत से हुआ। दूसरे दिन प्रस्तुत नाटक में राजा हीराखान क्षत्रिय की जन्मकथा, संघर्ष और पराक्रम को प्रभावी तरीके से दिखाया गया। नाटक में दर्शाया गया कि जन्म के तुरंत बाद ही उनका जीवन संघर्षों से भर गया था, जब राज्य विस्तार की लालसा रखने वाले एक क्रूर राजा ने उनके पिता की हत्या कर दी।

            कहानी में एक भावनात्मक मोड़ तब आता है जब हीराखान के पिता का वफादार घोड़ा उस क्रूर राजा की बेटी को लेकर वापस लौट आता है। बाद में हीराखान की मां उस लड़की का विवाह अपने पुत्र हीराखान से कर देती हैं। अपने पूर्वजों की हत्या का बदला लेने के संकल्प के साथ हीराखान अपनी पत्नी के साथ प्रतिशोध की राह पर निकल पड़ते हैं। नाटक में यह भी दिखाया गया कि राजा सत्परिया जो अब हीराखान के ससुर थे, बारह वर्षों से राज्य विस्तार के लिए निकले थे और संकट में फंस गए थे, जिन्हें बचाने का दायित्व हीराखान क्षत्रिय ने निभाया।

            गोण्ड सभ्यता के पूज्य देव ‘बड़ा देव’ की कृपा से हीराखान ने क्रूर और तानाशाह राजाओं पर विजय प्राप्त की। कई बार विश्वासघात झेलने के बावजूद उनकी वीरता और महानता के आगे सभी षड्यंत्र विफल हो गए।

            तीसरे दिन कलाकारों द्वारा रानी दुर्गावती के शौर्य, नेतृत्व और 52 गढ़ विजय की ऐतिहासिक गाथा का प्रभावी मंचन किया गया। रानी के पराक्रम, दूरदर्शिता और बलिदान की कथा ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। जननायक कार्यक्रम की इन प्रस्तुतियों ने न केवल ऐतिहासिक धरोहर को पुनर्जीवित किया, बल्कि समाज को साहस, निष्ठा और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश भी दिया।

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