पर्यावरण को बचाने के काम को लेकर दमोह के एक युवा उद्यमी आगे आये

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उद्यमी ने कलेक्टर के समक्ष डिग्रेडेबल पॉलिथीन का

डेमो देकर पर्यावरण को बचाने की अपनी योजना से अवगत कराया

दमोह :

            पॉलीथिन और उससे बने उत्पादों के कारण पर्यावरण को नुकसान हो रहा है. गाय एवं अन्य पशुओं की पॉलिथीन के कारण लगातार पशुहानी हो रही हैं।. इसको बचाने के लिए समाजसेवी एवं उद्यमी प्रदीप चक्रवर्ती ने डिग्रेडेबल जैविक पॉलिथीन इस्तेमाल करने का अभियान शुरू किया है। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने श्री चक्रवर्ती के इस डेमो से प्रभावित होकर आस्वस्त किया कि वह संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों के साथ एक बैठक रखेंगे तथा उनके सवालों का शंका समाधान किया जाएगा। इस काम को आगे बढ़ाने के लिए दमोह के समाजसेवी एवं उद्यमी प्रदीप चक्रवर्ती ने कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर से भेंटकर डिग्रेडेबल जैविक पॉलिथीन का डेमो देकर पर्यावरण को बचाने की अपनी योजना से अवगत कराया।

            श्री चक्रवर्ती ने बताया पॉलीथिन और पॉलीमर से बने हानिकारक उत्पादों के कारण लगातार पर्यावरण को क्षति हो रही है. लेकिन प्रशासन के प्रयास तभी कारगर साबित होंगे जब इसमें आमजन का सहयोग मिलेगा। पॉलीथिन और उससे बने उत्पादों के कारण पर्यावरण को नुकसान हो रहा है. गाय एवं अन्य पशुओं की पॉलिथीन के कारण लगातार पशुहानी हो रही हैं।. इसको बचाने के लिए उन्होंने डिग्रेडेबल जैविक पॉलिथीन इस्तेमाल करने का अभियान शुरू किया है। श्री चक्रवती ने बताया कि पहले डिग्रेडेबल पॉलिथीन का रॉ मैटेरियल यूएसए से आता था तथा इसका निर्माण मुंबई आदि महानगरों में होता था. लेकिन अब भारत में ही प्राकृतिक चीजों से डिग्रेडेबल जैविक पॉलिथीन और पाली बैग बनाए जा रहे हैं. जो पानी, मिट्टी या गोबर इत्यादि के संपर्क में आने पर 60 दिन में अपने आप ही गल जाते है। इन पॉलिथीन का निर्माण पॉलीमर से नहीं बल्कि मक्का, फल एवं सब्जियों के छिलकों, धान की भूसी आदि के प्रक्रिया किए हुए रेशों से किया जाता है। यह पर्यावरण के लिए बिल्कुल भी हानिकारक नहीं हैं, यदि इसे सीधे मीथेन लिक्विड में डाला जाए तो 5 सेकंड के अंदर ही यह पूरी पॉलिथीन गल जाती है. लेकिन यदि इसे नेचुरल तरीके से डिग्रेडेबल करना हो तो इसे 60 दिन लगते हैं. पॉलीमर और नेचुरल तरीके से बनाई गई पॉलिथीन के रेट में भी कोई अंतर नहीं है. दोनों का रेट बाजार में एक ही है. इसलिए लोगों को जैविक पॉलिथीन की तरफ शिफ्ट होना चाहिए ताकि हम पर्यावरण और पशुओं को बचा सके।

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