बाल विवाह अभिशाप है, अपराध है

0
Spread the love

इससे बचे और दूसरो को भी बचाऍ- कलेक्टर श्री को

            कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया जिले में शादियों का मौसम शुरू होते ही बाल विवाह की आशंका बढ़ने लगी है। उन्होने जिलेवासियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि देव उठनी ग्यारस के बाद लगातार विवाह मुहूर्त चल रहे हैं और ऐसे में बाल विवाह की घटनाओं में बढ़ोतरी की सूचनाएं सामने आती हैं। पिछले दो–तीन दिनों में प्रशासन ने तीन बाल विवाह रुकवाने में सफलता हासिल की है।

            कलेक्टर श्री कोचर ने कहा बाल विवाह का सबसे बड़ा नुकसान उन मासूम बच्चों को होता है, जो अभी नाबालिग हैं और सही–गलत का भेद नहीं समझते। ऐसे बच्चों को अनजाने में ही ऐसे रिश्तों में बांधा जाता है, जिसमें उनका भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने बताया बाल विवाह निषेध अधिनियम के अनुसार, लड़की 18 वर्ष से कम और लड़के 21 वर्ष से कम का विवाह कानूनन अपराध है। इसमें केवल माता–पिता या परिवार ही नहीं बल्कि मैरिज गार्डन संचालक, बैंड–बाजा पार्टी, टेंट हाउस,केटरिंग, पंडित / मौलवी, बराती–घराती, आयोजन में शामिल सभी लोग सजा और जुर्माने के पात्र हो सकते हैं। उन्होने कहा ऐसे मामलों में गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई होती है, जिसमें कारावास भी शामिल है।

            कलेक्टर श्री कोचर ने बताया जब बाल विवाह के दौरान पुलिस और अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते हैं, तो परिवार की प्रतिष्ठा भी प्रभावित होती है, लेकिन कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई आवश्यक है। इसलिए किसी भी स्थिति में बाल विवाह न करें और न किसी को करने दें। उन्होने नागरिकों से आग्रह किया यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत दमोह हेल्पलाइन 07812-350300 पर सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। हाल ही में आई गोपनीय सूचनाओं के आधार पर ही प्रशासन ने तीन बाल विवाह रोके हैं।  उन्होंने कहा बाल विवाह अभिशाप है, अपराध है। इससे बचें, दूसरों को भी बचाएं।

About The Author

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *