तेंदूखेड़ा में आंगनवाड़ी नियुक्ति विवाद पर नया मोड़, हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुनः ज्वाइनिंग की मांग

तेंदूखेड़ा (दमोह) — आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति को लेकर वर्षों से चल रहा विवाद अब एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रिट याचिका क्रमांक 26999/2018 में दिनांक 08 अप्रैल 2026 को पारित आदेश के बाद प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थिया की नियुक्ति 21 दिसंबर 2017 को मेरिट के आधार पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद पर हुई थी और उन्होंने नियमानुसार उसी दिन कार्यभार ग्रहण कर लिया था। लेकिन इस नियुक्ति के विरुद्ध श्रीमती कविता जैन द्वारा कलेक्टर दमोह के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई, जिस पर कलेक्टर ने प्रार्थिया की नियुक्ति निरस्त कर कविता जैन की नियुक्ति का आदेश दे दिया था।
इसके बाद प्रार्थिया ने कमिश्नर के समक्ष अपील की, जहां 12 नवंबर 2018 को कलेक्टर का आदेश निरस्त करते हुए प्रार्थिया की नियुक्ति को सही ठहराया गया। हालांकि, इस आदेश के खिलाफ कविता जैन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर स्थगन (स्टे) आदेश प्राप्त कर लिया, जिसके चलते वे अब तक आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यरत रहीं।
अब 08 अप्रैल 2026 को उच्च न्यायालय ने उक्त स्थगन आदेश को निरस्त कर दिया है। इस निर्णय के बाद प्रार्थिया ने परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, तेंदूखेड़ा को आवेदन देकर पुनः आंगनवाड़ी केंद्र वार्ड क्रमांक 10-2 में कार्यभार ग्रहण कराने की मांग की है।
प्रार्थिया का कहना है कि वे 10 अप्रैल 2026 को केंद्र पर उपस्थित होकर ज्वाइनिंग दे चुकी हैं और अब विभाग से अनुरोध किया है कि न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए उन्हें विधिवत कार्यभार सौंपा जाए।
अब देखना होगा कि महिला एवं बाल विकास विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और कब तक न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाता है।

