डूब क्षेत्र में अवैध खेती से मवेशी-पशु प्यासे, प्रशासनिक आदेशों की खुली अनदेखी

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तेंदुखेड़ा (दमोह)। ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत के साथ ही जल संकट की आशंका बढ़ने लगी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी का मामला सामने आया है। जिला कलेक्टर सुधीर कोचर द्वारा करीब डेढ़ माह पूर्व ही नदी-नालों और तालाबों से सिंचाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था, ताकि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट न हो। इसके बावजूद तेंदुखेड़ा तहसील के ग्राम बेलदाना में नियमों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर मूंग और उड़द की बोवनी कर सिंचाई की जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम बेलदाना के शासकीय तालाब की डूब क्षेत्र की लगभग 200 एकड़ भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से खेती कर ली है। इतना ही नहीं, पूरी जमीन को कंटीली झाड़ियों से घेरकर बंद कर दिया गया है, जिससे मवेशी और वन्य जीव तालाब तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। एक ओर तालाब की मेड़ और दूसरी ओर कांटेदार बाड़ होने से पशु-पक्षियों के लिए पानी तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।

बताया गया है कि घुटरिया बगदरी, सांगा, हरदुआ, गुबरा और कछार पांजी सहित करीब 8 गांवों के मवेशी एवं जंगली जानवर इस तालाब पर निर्भर हैं। दोपहर के समय पानी की तलाश में आने वाले जानवर जब पानी तक नहीं पहुंच पाते, तो प्यासे ही वापस लौट जाते हैं। क्षेत्र में दूर-दूर तक अन्य कोई जल स्रोत उपलब्ध नहीं है, जिससे स्थिति और गंभीर हो रही है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि तालाब से मोटर पंप लगाकर सिंचाई की जा रही है, जबकि नियमों के तहत ऐसा करना प्रतिबंधित है। साथ ही विद्युत विभाग द्वारा भी कथित रूप से नियमों के विरुद्ध कनेक्शन दिए गए हैं। यदि जांच की जाए तो कई फर्जी कनेक्शन सामने आ सकते हैं।

सबसे गंभीर बात यह है कि जिस जमीन पर खेती की जा रही है, वह तालाब का डूब क्षेत्र है, जिसका मुआवजा शासन द्वारा पहले ही किसानों को दिया जा चुका है। इसके बावजूद उसी भूमि पर दोबारा अवैध खेती कर स्थिति को और जटिल बनाया जा रहा है।

लगातार सिंचाई से तालाब का जल स्तर घट रहा है, जिससे गर्मी के दिनों में पेयजल संकट गहरा सकता है। साथ ही तालाब में हो रहे मछली पालन पर भी खतरा मंडराने लगा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए, मवेशियों के लिए पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और तालाब में पर्याप्त जल स्तर बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सी जी. गोस्वामी ने बताया कि मामले में सिंचाई विभाग से समन्वय कर जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जल संसाधन विभाग के प्राभारी राम अवतार पटेल ने बताया है कि वे लोग अवैध रूप से खेती कर रहे हैं मुनादी करवा दी है कल नोटिस देगे agr नही माने तो पुलिस में शिकायत होगी पानी पर मवेशियों के भी हक़ होता है।

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