सेवा भूमि पर कब्जे का आरोप, न्याय के लिए तीन साल से भटक रहा कोटवार

कलेक्टर और तहसीलदार को कई बार आवेदन देने के बाद भी नहीं मिला कब्जा, नायब तहसीलदार ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
तेन्दूखेड़ा/दमोह। जिले की तेन्दूखेड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम देवरी लीलाधर निवासी लोकमन बसोर ने सेवा भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। लोकमन का कहना है कि वह गांव में कोटवार के पद पर कार्यरत है और उसके पिता ज्ञानीलाल को सेवा के बदले ग्राम केवलारी में भूमि आवंटित की गई थी। लेकिन उक्त भूमि के कुछ हिस्से पर दबंगों द्वारा कब्जा कर लिए जाने से वह अपनी ही जमीन से बेदखल है।
लोकमन के अनुसार, संबंधित भूमि का पूर्व में सीमांकन कराकर उन्हें कब्जा दिलाया गया था। इसके बावजूद खसरा नंबर 337, रकबा 2.55 हेक्टेयर की भूमि के कुछ हिस्से पर अजउद्दी पिता गुलई अहिरवार सहित अन्य लोगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का आरोप है। इस संबंध में लोकमन वर्ष 2023 से लगातार कलेक्टर और तहसीलदार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर रहा है, लेकिन अब तक उसे भूमि पर कब्जा नहीं मिल पाया है।
‘कोटवार को ही न्याय नहीं मिल रहा तो आम आदमी का क्या होगा’
15 अक्टूबर 2026 को लोकमन ने न्यायालय श्रीमान नायब तहसीलदार चंद्रशेखर शिल्पी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर संबंधित भूमि से कथित अवैध कब्जा हटवाने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। लोकमन ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि जब गांव के कोटवार को ही अपनी जमीन के लिए वर्षों तक न्याय की गुहार लगानी पड़ रही है, तो आम लोगों की स्थिति क्या होगी? उन्होंने प्रशासन से मामले में शीघ्र कार्रवाई कर भूमि पर पुनः कब्जा दिलाने की मांग की।
नायब तहसीलदार ने दिया कार्रवाई का भरोसा
आवेदन प्राप्त करते हुए नायब तहसीलदार चंद्रशेखर शिल्पी ने मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन भूमि संबंधी अभिलेखों, पूर्व सीमांकन और कब्जे की स्थिति की जांच कर पीड़ित को कब तक राहत दिलाता है।
फिलहाल लोकमन को अपनी सेवा भूमि पर कब्जा वापस मिलने का इंतजार है।
