झलौन की शासकीय तलैया पर कब्जे का आरोप, पांच गांवों के पशुओं के सामने जल संकट की आशंका

एसडीएम तेन्दूखेड़ा से अतिक्रमण हटाने, तलैया को पानी मद में दर्ज करने और सार्वजनिक उपयोग के लिए मुक्त कराने की मांग
तेन्दूखेड़ा/झलौन। दमोह जिले की तेन्दूखेड़ा तहसील के ग्राम झलौन में वर्ष 2001 में निर्मित शासकीय तलैया पर कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। ग्राम झलौन निवासी रामशंकर रैकवार ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तेन्दूखेड़ा को आवेदन देकर तलैया को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा उसे पानी मद में दर्ज कर सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखने की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, झलौन के नादियाहार क्षेत्र में शासकीय भूमि पर वर्ष 2001 में तलैया का निर्माण कराया गया था। आवेदक ने आरोप लगाया है कि रामप्रसाद यादव ने तलैया पर कब्जा कर लिया है और मोटर लगाकर सिंचाई के लिए पानी का उपयोग किया जा रहा है। इससे पशुओं को पानी पीने में परेशानी हो रही है। आवेदक ने यह भी आरोप लगाया कि तलैया के संबंध में आपत्ति करने पर हाथ-पैर काटने की धमकी दी जाती है।

पांच गांवों के पशुओं के लिए महत्वपूर्ण है तलैया
आवेदन में बताया गया है कि नादियाहार, झलौन, उमरिया माल, कमताहार और मगदूपुरा सहित पांच गांवों के पशुओं के लिए यह तलैया पानी का महत्वपूर्ण स्रोत है। आवेदक का कहना है कि सिंचाई के लिए पानी निकालने से तलैया खाली हो जाती है, जिससे पशुओं के सामने पेयजल की समस्या उत्पन्न होती है।
पंचायत के प्रस्ताव का दिया हवाला
रामशंकर रैकवार ने अपने आवेदन में ग्राम पंचायत के प्रस्ताव का हवाला देते हुए तलैया से कथित कब्जा हटाने और इसे पूर्व की तरह सार्वजनिक उपयोग, विशेषकर पशुओं के पेयजल के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि यदि तलैया से संबंधित किसी प्रकार का पंजीयन कराया गया है, तो उसकी वैधानिक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आवेदक ने अपने आवेदन के साथ ग्राम पंचायत के प्रस्ताव की छायाप्रति तथा सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, दमोह द्वारा उपलब्ध कराई गई सत्यापित छायाप्रति संलग्न की है। अब संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा मामले की जांच और शासकीय भूमि की स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
