अतिवृष्टि से उड़द, मूंग और सोयाबीन की फसल बर्बाद, किसानों ने तहसीलदार से लगाई मुआवजे की गुहार

खेतों में जलभराव से सड़ गई फसलें, सर्वे कराकर राहत राशि और फसल बीमा का लाभ देने की मांग
धनकुमार विश्वकर्मा | जिला ब्यूरो चीफ, दमोह
दमोह। तहसील पटेरा अंतर्गत ग्राम पंचायत वरखेरा बैस और खमरिया में लगातार हो रही बारिश और अतिवृष्टि से खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भर जाने के कारण उड़द, मूंग और सोयाबीन की फसलें खराब होकर सड़ने लगी हैं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
फसल नुकसान से परेशान किसानों ने 9 सितंबर 2026 को तहसीलदार पटेरा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सर्वे कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और तैयार होने की कगार पर पहुंची फसलें बर्बाद हो गई हैं।
राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम से सर्वे की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि वरखेरा बैस और खमरिया में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम भेजकर क्षतिग्रस्त फसलों का तत्काल सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का आंकलन हो सके। इसके बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही किसानों ने मांग की है कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराया है, उनके नुकसान का प्रकरण बीमा योजना के अंतर्गत निराकृत कर उन्हें बीमा राशि का लाभ दिलाया जाए।
बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान सरपंच प्रतिनिधि सविता आदिवासी, ब्रजेश विश्वकर्मा सहित राजेन्द्र सिंह, गणपत सिंह, रघुवीर, प्रताप सिंह, महेन्द्र सिंह, कमल नगीना, नत्थू सिंह, हीरा सिंह, हनुमान, सुरेन्द्र सिंह, देवेन्द्र सिंह, मुकेश सिंह, त्रिलोक जी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसान मौजूद रहे।
किसानों ने प्रशासन से बिना देरी किए फसल क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा एवं बीमा राशि दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान के बाद अब शासन से मिलने वाली राहत ही उनके लिए बड़ी उम्मीद है।
