मकानों के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन, खतरे के बीच निर्माण करने को मजबूर मजदूर

तेंदूखेड़ा के वार्ड क्रमांक 12 में जान जोखिम में डालकर हो रहा मकान निर्माण, लाइन शिफ्ट कराने की मांग वर्षों से लंबित; हादसे की आशंका से दहशत में रहवासी
तेंदूखेड़ा। नगर में एक ओर विकास की रफ्तार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 12 में मस्जिद के आगे बसी बस्ती के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन स्थानीय रहवासियों के लिए खतरा बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि लाइन के बेहद करीब मकान का निर्माण कार्य चल रहा है, जहां मजदूरों की जान पर हर समय खतरा मंडरा रहा है। इसके बावजूद लाइन को शिफ्ट कराने की समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
लाइन से महज तीन फीट की दूरी पर हो रहा निर्माण
जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 12 की बस्ती में एक व्यक्ति के मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। मकान में छपाई का काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन मकान से 11 केवी हाईटेंशन लाइन की दूरी महज तीन फीट के आसपास है। काम करने के लिए मजदूरों ने करीब 30 फीट ऊंचा मचान (भाड़ा) बनाया है, जिसमें लोहे का इस्तेमाल किया गया है।
ऐसी स्थिति में हाईटेंशन लाइन के इतने करीब लोहे के मचान पर काम करना बेहद जोखिमभरा हो सकता है। छपाई के दौरान पानी और गीले मसाले का इस्तेमाल होने से खतरा और बढ़ने की आशंका है। बिजली के तारों के संपर्क में आने या उनके बेहद करीब पहुंचने पर मजदूरों को गंभीर करंट लग सकता है। ऐसे में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
वर्षों से रहवासी कर रहे लाइन शिफ्ट कराने की मांग
बस्ती के निवासी भूरा साहू, हल्के भाई यादव, रूपेश घोषी और लक्ष्मण ने बताया कि हाईटेंशन लाइन को हटाने या दूसरी जगह शिफ्ट कराने के लिए कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। रहवासियों के मुताबिक, बिजली विभाग की ओर से लाइन शिफ्ट कराने के लिए ढाई लाख रुपये से अधिक की राशि जमा करने की बात कही जाती है। मजदूरी करके परिवार चलाने वाले लोगों के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं है।
रहवासियों का कहना है कि इस लाइन के कारण कई लोगों के मकान निर्माण कार्य भी अधूरे पड़े हैं। वार्ड पार्षद भी लाइन को हटवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन नगर परिषद और बिजली विभाग के बीच समाधान नहीं निकल पाने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
विकास के साथ सुरक्षा भी जरूरी
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले करीब 25 वर्षों में तेंदूखेड़ा में बाहर से आकर बसने वाले परिवारों की संख्या बढ़ी है। नई बस्तियों के विस्तार के साथ सड़क, पानी, नाली और बिजली जैसी सुविधाओं की जरूरत भी बढ़ी है। नगर परिषद द्वारा इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन आबादी के बीच से गुजर रही हाईटेंशन लाइन जैसी समस्याओं का समाधान भी जरूरी है।
रहवासियों का आरोप है कि बस्ती के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन काफी नीचे और ढीली दिखाई देती है। लाइन पुरानी होने के कारण भी लोग आशंकित हैं। उनका कहना है कि जब तक लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक बस्ती में रहने वाले लोगों और निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों पर खतरा बना रहेगा।
लाइन शिफ्ट नहीं तो ऊंचाई बढ़ाकर केबल लगाने की मांग
बस्ती के लोगों ने मांग की है कि यदि हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट कराने में तकनीकी या आर्थिक परेशानी है, तो बिजली विभाग मौके का निरीक्षण कर कोई सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करे। रहवासियों ने सुझाव दिया है कि तकनीकी रूप से संभव होने पर लाइन की ऊंचाई बढ़ाई जाए और खुले तारों के स्थान पर उपयुक्त सुरक्षित केबल लगाने की संभावना पर विचार किया जाए।
लोगों का कहना है कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। संबंधित विभागों को निर्माण स्थल और पूरी बस्ती का निरीक्षण कर मजदूरों तथा रहवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, या समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान करेंगे? वार्ड क्रमांक 12 के रहवासियों को उम्मीद है कि नगर परिषद और बिजली विभाग आपसी समन्वय से जल्द ठोस कदम उठाएंगे, ताकि किसी परिवार को जनहानि का सामना न करना पड़े।
सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी: 11 केवी लाइन के इतने करीब लोहे के मचान पर काम करना अत्यंत खतरनाक है। निर्माण कार्य को सुरक्षित दूरी और बिजली विभाग की आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होने तक रोकना चाहिए। लाइन को छूना या स्वयं हटाने का प्रयास बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
