खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार से मिली मुक्ति, सरपंच ने बनवाया शांति धाम

तेंदूखेड़ा। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में तेंदूखेड़ा से करीब 20 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत समनापुर में ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करते हुए शांति धाम का निर्माण कराया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 80 वर्ष पुराने इस गांव में लंबे समय तक अंतिम संस्कार के लिए कोई व्यवस्थित स्थान उपलब्ध नहीं था। गांव में किसी परिवार में गमी होने पर खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार करना पड़ता था। विशेष रूप से बारिश के मौसम में ग्रामीणों को पन्नी और तिरपाल का सहारा लेना पड़ता था। खेतों में कीचड़ होने के कारण अर्थी को श्मशान स्थल तक ले जाने में भी काफी परेशानी होती थी।

ग्रामीण नोनेलाल यादव, दल सिंह पाल, रोशन चक्रवर्ती, जहना अहिरवार, लखन लोधी, संतोष यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में भूमि चिन्हित होने के बावजूद लंबे समय तक अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्थित सुविधा नहीं थी। वर्तमान सरपंच इमरत सिंह यादव के कार्यकाल में इस समस्या को प्राथमिकता देते हुए शांति धाम का निर्माण कराया गया।
दो चबूतरे, टीन शेड और सीसी रोड का निर्माण
सरपंच द्वारा अस्पताल के पीछे पानी की टंकी के पास शांति धाम में दो चबूतरों का निर्माण कराकर उन पर टीन शेड लगाए गए हैं। शांति धाम को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सीसी रोड बनाई गई है। वहीं शेड के आसपास सीसी फर्श का निर्माण कराया गया है, जिससे बारिश के दौरान भी लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।

शांति धाम के चारों ओर बाउंड्रीवाल बनाई गई है तथा परिसर में पौधरोपण भी कराया गया है। परिसर में नल कनेक्शन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पानी की टंकी का निर्माण कार्य भी वर्तमान में जारी है, जिसके पूरा होने के बाद अंतिम संस्कार के दौरान पानी की उपलब्धता की समस्या भी दूर होने की उम्मीद है।
“शांति धाम बनने के बाद सबसे ज्यादा सुकून मिला”
सरपंच इमरत सिंह यादव ने बताया कि वे इसी गांव के निवासी हैं और ग्रामीणों की मूलभूत जरूरतों से भली-भांति परिचित हैं। ग्रामीणों ने उन्हें सरपंच चुना तो उन्होंने गांव के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि गांव में कई विकास कार्य कराए गए हैं, लेकिन शांति धाम का निर्माण उनके लिए विशेष संतोष का विषय है।
सरपंच के अनुसार शांति धाम सहित संबंधित निर्माण कार्यों में शासन की ओर से करीब 9 से 10 लाख रुपये की राशि खर्च हुई है। उन्होंने बताया कि कार्य के दौरान जनपद पंचायत के तत्कालीन सीईओ स्वर्गीय मनीष बागरी सहित संबंधित अधिकारियों की निगरानी और सहयोग रहा। वर्तमान में पानी की टंकी का कार्य चल रहा है, जिसे जल्द पूरा किए जाने की बात कही गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि शांति धाम बनने से अब उन्हें अंतिम संस्कार के दौरान बारिश, कीचड़ और खुले आसमान जैसी परेशानियों से काफी हद तक राहत मिली है।
