तेंदूखेड़ा में एक स्वर में गूंजा वन्दे मातरम्, 150 वर्ष पूरे होने पर सामूहिक गायन

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सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुआ आयोजन, अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समिति सदस्य, विद्यार्थी और अभिभावक हुए शामिल

तेंदूखेड़ा। राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की कड़ी में शुक्रवार को नगर तेंदूखेड़ा के सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सामूहिक राष्ट्रगीत गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 11 बजे विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों, समिति सदस्यों, अभिभावकों एवं नगर के गणमान्य नागरिकों ने एक साथ एक स्वर में ‘वन्दे मातरम्’ का गायन किया।

यह आयोजन ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम का हिस्सा रहा। आयोजन में विद्यालय के भैया-बहनों के साथ शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य, तहसीलदार तेंदूखेड़ा, नगर अध्यक्ष, समिति के सदस्य, छात्र-छात्राओं के माता-पिता एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों को ‘वन्दे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना, एकता और देशभक्ति की भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक बना। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 से 2026 तक ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्षभर के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार यह गीत 7 नवंबर 1875 को प्रकाशित हुआ था और 2025 में इसके 150 वर्ष पूरे हुए।

दो पदों से पूर्ण संस्करण तक

आजादी के बाद से ‘वन्दे मातरम्’ के शुरुआती दो पदों का संस्करण व्यापक रूप से प्रचलित रहा है। आकाशवाणी भी लंबे समय तक अपने प्रातःकालीन प्रसारण में दो पदों वाले संस्करण का उपयोग करती रही। जनवरी 2026 में गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद आकाशवाणी ने 26 मार्च 2026 से छह पदों वाले पूर्ण संस्करण का प्रसारण शुरू किया।

वहीं, वर्ष 2026 में राष्ट्रीय सम्मान से संबंधित कानून में संशोधन के माध्यम से राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ को राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी संरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत जानबूझकर राष्ट्रगीत के गायन को रोकना अथवा गायन कर रहे समूह में व्यवधान डालना दंडनीय बनाया गया है।

राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। विद्यार्थियों को देश के गौरवशाली इतिहास की जानकारी देते हुए देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया गया।

सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसर देशभक्ति के भाव से सराबोर नजर आया। सभी उपस्थित लोगों ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन कर राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति सम्मान की भावना व्यक्त की।

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