भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ गाजे-बाजे और आतिशबाजी के बीच निकली शोभायात्रा, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

0
Spread the love

तेंदूखेड़ा। नगर में बुधवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का धार्मिक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में शुभारंभ हुआ। कथा का आयोजन 9 से 15 सितंबर तक गौशाला परिसर में अयोध्यावासी सोनी परिवार द्वारा कराया जा रहा है। कथा के प्रथम दिवस कथा वाचक पंडित विपिन बिहारी दास जी महाराज का नगरवासियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

इसके बाद पंचवटी मंदिर से गाजे-बाजे और आतिशबाजी के साथ भव्य कलश एवं शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा तारादेही तिराहा, पुलिस थाना, राम मंदिर, बस स्टैंड एवं सुपर मार्केट होते हुए गौशाला परिसर पहुंची। यात्रा में महिलाएं एक जैसी वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। विभिन्न धार्मिक झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

कथा के प्रथम दिवस पंडित विपिन बिहारी दास जी महाराज ने कहा कि “भागवत कोई किताब नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है।” उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं है, बल्कि इसके संदेशों को जीवन और आचरण में उतारना आवश्यक है। भगवान की कथा और कीर्तन मन को शुद्ध करने का माध्यम हैं। मनुष्य अच्छे कर्म, भजन, परोपकार और समाजसेवा के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।

महाराज ने कहा कि आज मनुष्य स्वयं को बदलने के बजाय दूसरों को बदलना चाहता है। यदि हम अपने आचरण को सुधार लें तो जीवन की अनेक समस्याएं स्वतः समाप्त हो सकती हैं। केवल ग्रह-नक्षत्रों को दोष देने के बजाय मनुष्य को अपने कर्मों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से परिवार में प्रेम, धैर्य और एक-दूसरे की बात समझने व सहने की भावना विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने गौसेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जहां गाय और बछड़ा साथ होते हैं, वहां किए गए भजन और पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है। परोपकारी व्यक्ति ही सच्चे मन से गौसेवा कर सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन में सुख-दुख आते-जाते रहते हैं, लेकिन भगवान का नाम ही मनुष्य का सच्चा साथी है।

सात दिनों तक चलने वाली कथा में श्रद्धालुओं को भक्ति, सदाचार, परोपकार, गौसेवा और अच्छे कर्मों का संदेश दिया जाएगा। कथा के शुभारंभ अवसर पर नगर एवं क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

About The Author

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

error: Content is protected !!