ग्रामीणों की मांग पर 4.65 लाख की लागत से बन रही नाली, पुरानी जलभराव की समस्या होगी दूर

बिसनाखेड़ी। ग्राम पंचायत बिसनाखेड़ी में ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही जलभराव एवं निस्तार के पानी की समस्या के समाधान के लिए पंचायत द्वारा करीब 4 लाख 65 हजार रुपये की लागत से नाली निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार नाली निर्माण पूरा होने के बाद बारिश के पानी के साथ-साथ घरों से निकलने वाला निस्तार का पानी भी व्यवस्थित रूप से निकल सकेगा।
ग्रामीण जंगत सिंह लोधी, खुकराम अहिरवार, मायाराम यादव, प्रकाश यादव और मनीष यादव ने बताया कि नाली नहीं होने के कारण बारिश के दौरान पानी उनके घरों में भर जाता था। इससे घरों में रखा अनाज, कपड़े एवं अन्य गृहस्थी का सामान खराब हो जाता था। वहीं बारिश के बाद घरों से निकलने वाला रोजमर्रा का निस्तार का पानी भी घरों के बाहर बहता रहता था।
ग्रामीणों ने बताया कि उनकी लगातार मांग के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच गुलई सिंह द्वारा जनपद स्तर से नाली निर्माण की स्वीकृति कराकर कार्य शुरू कराया गया। वर्तमान में करीब 176 मीटर लंबी नाली का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। ग्रामीण अपने-अपने घरों से निकलने वाले ओवरफ्लो पाइप नाली से जोड़ रहे हैं। इसके बाद पंचायत द्वारा नाली को ऊपर से ढकने का कार्य कराया जाएगा।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को लेकर संतोष जताते हुए कहा कि नाली में इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री गुणवत्ता की दृष्टि से संतोषजनक है। निर्माण कार्य के दौरान पंचायत द्वारा नियमित रूप से तराई भी कराई जा रही है, वहीं ग्रामीण भी आवश्यकता अनुसार पानी डालकर नाली की तराई में सहयोग कर रहे हैं।

सरपंच गुलई सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर ग्राम आमसभा में प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद गांव के गणेश मंदिर से तेजी सिंह के मकान की ओर नाली निर्माण तय किया गया। नाली की लंबाई करीब 176 मीटर है और निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। घरों के ओवरफ्लो पाइप नाली से जोड़ने के बाद इसे ऊपर से बंद कराया जाएगा, जिसके लिए ढकने की सामग्री निर्माण स्थल पर पहुंच चुकी है।
सरपंच ने कहा कि उनके कार्यकाल में जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाती रही है और आगे भी इसी कार्यशैली के साथ ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए काम किया जाएगा।
